पारंपरिक फुटकर विक्रेता एवं शॉपिंग मॉल: विपणन रणनीतियों का तुलनात्मक अध्ययन.
DOI:
https://doi.org/10.8224/journaloi.v74i4.1035Keywords:
शॉपिंग मॉल, पारंपरिक फुटकर व्यापार, उपभोक्ता व्यवहार, खुदरा संरचना, गुरुग्रामAbstract
वर्तमान वैश्विक एवं भारतीय आर्थिक परिदृश्य में उपभोक्ता बाजार तीव्र परिवर्तन और पुनर्संरचना के चरण से गुजर रहा है। आर्थिक उदारीकरण, वैश्वीकरण, शहरीकरण, तकनीकी प्रगति तथा उपभोक्ताओं की बदलती जीवनशैली ने खुदरा व्यापार की पारंपरिक संरचना को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। विशेष रूप से शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में पारंपरिक फुटकर विक्रेताओं और आधुनिक शॉपिंग मॉलों के बीच प्रतिस्पर्धा निरंतर तीव्र होती जा रही है, जिससे उपभोक्ता व्यवहार, क्रय निर्णय तथा बाजार रणनीतियों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलते हैं।
इस शोध लेख का प्रमुख उद्देश्य पारंपरिक फुटकर विक्रेताओं तथा शॉपिंग मॉलों द्वारा अपनाई जा रही विपणन रणनीतियों का तुलनात्मक विश्लेषण करना है। इसके साथ-साथ यह अध्ययन उपभोक्ता व्यवहार पर इन दोनों खुदरा प्रारूपों के प्रभाव, सामाजिक-आर्थिक परिणामों, रोजगार सृजन, स्थानीय बाजार संरचना तथा भविष्य की संभावनाओं का भी मूल्यांकन करता है। प्रस्तुत अध्ययन विभिन्न अध्यायों में वर्णित सैद्धांतिक अवधारणाओं एवं व्यावहारिक तथ्यों पर आधारित है, जिससे भारतीय संदर्भ में फुटकर व्यापार के बदलते स्वरूप, चुनौतियों एवं अवसरों को समग्र रूप से समझने में सहायता मिलती है। यह शोध खुदरा क्षेत्र के नीति-निर्माताओं, व्यापारियों एवं शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी निष्कर्ष प्रदान करता है।



